दिनांक: 06 फरवरी 2023, स्थान: चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान पटना
साउथ एशिया महिला फिल्म फेस्टिवल के तीसरे पड़ाव पर ‘डिकोडिंग जेंडर’ फिल्म का प्रदर्शन हुआ
फिल्म फेस्टिवल के तीसरे पड़ाव पर आज चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान पटना में ‘डिकोडिंग जेंडर’ फिल्म का प्रदर्शन हुआ |
साउथ एशिया वुमेन फिल्म फेस्टिवल के तीसरे पड़ाव के उद्घाटन स्तर में डॉ. राणा सिंह, निदेशक चन्द्रगुप्त प्रबंध
संस्थान पटना द्वारा किया गया | अपने उद्बोधन में उन्होंने इस महोत्सव को चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान आयोजित करने के
लिए कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी को धन्यवाद दिया साथ ही उन्होंने संस्थान के थियेटर में
उपस्थित सभी छात्र / छात्राओं से तालियों के साथ धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए भी कहा | मंच पर बैठे सभी गणमान्य
अतिथियों को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि हमलोगों ने बदलते बक्त को देखा है | भारत ने ही समस्त विश्व को यह
सन्देश दिया है ‘यत्र नारी पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता’ सभी शक्तियां देवी में ही निहित हैं | माँ सरस्वती शिक्षा की तथा
माँ लक्ष्मी धन की देवी हैं, सभी महत्वपूर्ण पोर्ट फोलियो देवियों के पास ही है | आज बदलते वक्त के साथ फिल्मों में भी
नए नए प्रयोग हो रहे हैं | इससे मानसिकता में भी नए आयाम स्थापित होंगे | उन्होंने ने कहा कि इस फेस्टिवल में काफी
अधिक संख्या में उपस्थित छात्र / छात्राएं अपना कोर्स समाप्त कर लिया है और उन्हें अच्छी जगहों पर नियुक्ति भी मिल
गई है, ये फिल्म के प्रति काफी उत्साहित भी दिख रहे हैं | उन्होंने कहा कि हम ज्ञान और कौशल के अधिष्ठाता रहे हैं |
युवा पीढ़ी अपने मनोयोग के साथ यह प्रयास करे कि भारत कैसे पुनः कैसे विष गुरु बने | आर्थिक आज़ादी कैसे लाया
जाए इसपर ध्यान दें | अपनी सांस्कृतिक विरासत को जन जन तक ले जाएँ और अपने देश के उज्जवल भविष्य की
कामना करें |
रंजीत तिवारी, चेयरपर्सन चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान ने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह की फ़िल्में समाज को जोड़ने
का काम करती हैं हमें उन फिल्मों को बढ़ावा देना किएवं सराहना चाहिए | हमरी पीढ़ी को तो महिला और पुरुष में
भेदभाव के अंतर को समझ नहीं आया लेकिन आने वाली पीढ़ी को समझ में आएगा | अब अंतर समझ में आ भी रहा है |
हम प्रयास करें कि देश को एक लय में ले जा सकें, संकल्प लें देश को विकसित बहरत बनायेंगे |
साउथ एशिया ट्रस्ट नेपाल के प्रोग्राम मैनेजर पावस मनंधर ने अपने संबोधन में आज प्रदर्शित होने वाली दोनों फ़िल्में
क्रमशः ‘डिकोडिंग जेंडर’ एवं सीता के बदलते रूप के बारे में विस्तृत जाकारी देते हुए साऊथ एशिया ट्रस्ट के उद्देश्यों के
बारे में भी बताया | उन्होंने इस बारे में भी बताया कि महिला एवं यौन हिंसा दक्षिण एशिया में कितना प्रभावी है इसे
मीडिया में कैसे दिखाया जाता है | उन्होंने बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड तथा कला, संस्कृति
एवं युवा विभाग को धन्यवाद दिया और अंत में कहा कि फिल्म प्रदर्शन के बाद फिल्म से संबंधित प्रश्न का उत्तर भी देंगे |
जानी मानी प्रख्यात अभिनेत्री संगीता रमण ने अपने संबोधन में मंच पर आसीन सभी गणमान्य अतिथियों को धन्यवाद
देते इस समारोह में उन्हें आमंत्रित किये जाने हेतु राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड तथा कला, संस्कृति एवं
युवा विभाग के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की | अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज सिनेमा में बहुत बदलाव हो रहे
हैं | कुश फ़िल्में अह्मारे जीवन में अपना अमिट छाप छोड़ रहे हैं | फिल्म विधा की और युवाओं का रुझान काफी बढ़ रहा
है | एक समय था जब महिलाएं घर से बहार नहीं निकलती थीं | आज बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है | कहते हैं
न कि ‘कहाँ न जाए रवि, वहां जाए कवि’ | युवा वर्ग की महिला और पुरुष को ‘इस पथ का उद्देश्य नहीं है, श्रांत भवन
में टिक जाना, किन्तु पहुंचना उस सीमा तक जिसके आगे राह नहीं है’ कहते हुए अपने वक्तव्य को समाप्त करते हुए
सबको धन्यवाद दिया |
सुषमा कुमारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने अपने संबोधन में कहा कि फ़िल्में समाज का
आईना है | लोगों को शायद Contemporary फिल्म अच्छी न लगे लेकिन इन फिल्मों में इतनी शक्ति होती है कि वे उन्हें
Sensitize कर सकें | समाज में संतुलन बनाकर चलना होगा | विकास सिर्फ भौतिक नहीं होनी चाहिए हमें बैद्धिक भी
चाहिए | उन्होंने कहा कि साऊथ एशिया ट्रस्ट द्वारा काफी संवेदनशील फिल्मों का चयन किया जाता है |
मो. तारिक इक़बाल, संयुक्त सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत साउथ एशिया
महिला फिल्म फेस्टिवल के तीसरे पड़ाव पर ‘डिकोडिंग जेंडर’ फिल्म तत्पचात् ‘सीता के बदलते रूप’ फिल्म प्रदर्शित




साउथ एशिया वुमेन फिल्म फेस्टिवल 2023
दिनांक: 07 फरवरी 2023, स्थान: चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान पटना
साउथ एशिया महिला फिल्म फेस्टिवल के पांचवे दिन हुआ ‘द सिटी दैट स्पोक टू मी’ फिल्म का प्रदर्शन
चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान के थियेटर में भारी संख्या में उपस्थित प्रबंधन के छात्र छात्राओं के बीच दिव्यांगो पर केन्द्रित, निहारिका पोपली द्वारा निर्देशित फिल्म ‘द सिटी दैट स्पोक टू मी’ का प्रदर्शन किया गया | इस संवेदनशील विषय पर आधारित फिल्म को सभी दर्शकों सबने काफी ध्यान से देखा तथा ऐसे लोगो पर विशेष ध्यान, सम्मान तथा अवसर देने की आवश्यकता को भी समझा | फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान द्वारा सामजिक पहल के अंतर्गत संचालित ‘ब्यूटीफुल माईंड’ से स्लम के लगभग 50 बच्चे भी उपस्थित थे | फिल्म समापन के उपरांत इस फिल्म के उद्देश्य तथा इसके सन्देश पर भी प्रबंधन के छात्रों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया | प्रबंधन के छात्रों के लिए Basic of Advertising विषय पर विशेष सत्र संचालन के उपरांत CIMP के चेयरपर्सन रंजीत तिवारी द्वारा फिल्म साउथ एशिया, नेपाल के सहायक निदेशक श्री अलोक अधिकारी को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया | साईन लैंग्वेज में निर्मित फिल्म को देखने और इशारों को समझने का कौतुहल भी बच्चों में देखा गया | फिल्म के प्रदर्शन के बाद सभी छात्र तथा स्लम के बच्चों ने फिल्म फेस्टिवल पर आधारित कला दीर्घा का भ्रमण किया |
फिल्म साउथ एशिया, नेपाल के सहायक निदेशक श्री अलोक अधिकारी ने फिल्म को देखने और अपना समय देने के लिए सभी छात्रों को धन्यवाद दिया | कल 08 फरवरी को पटना निफ्ट में साउथ एशिया वुमेन फिल्म फेस्टिवल के अंतर्गत फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा | फिल्म फेस्टिवल का विधिवत समापन 09 फरवरी को निफ्ट में किया जायेगा |



प्रेस विज्ञप्ति
साउथ एशिया वुमेन फिल्म फेस्टिवल 2023
दिनांक: 08 फरवरी 2023, स्थान: राष्ट्रीय फैशन प्रोद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) पटना
साउथ एशिया महिला फिल्म फेस्टिवल का कारवां पहुँचा राष्ट्रीय फैशन प्रोद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) पटना जहाँ नेपाली फिल्म ‘बिफोर यू वर माई मदर’ का प्रदर्शन हुआ
फिल्म फेस्टिवल के अंतिम पड़ाव राष्ट्रीय फैशन प्रोद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) पटना में प्रसूना डोंगोल द्वारा निर्देशित ‘डिकोडिंग जेंडर’ फिल्म का प्रदर्शन हुआ | नेपाली भाषा में निर्मित इस फिल्म के बारे में साउथ एशिया फिल्म नेपाल के के सहायक निदेशक श्री आलोक अधिकारी ने विस्तार से बताया | निफ्ट की एम. एफ. एम. विभाग की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर शेफाली के नेतृत्व में कला और फैशन तकनीक से जुड़े लगभग 200 छात्र छात्राओं के सम्मुख फिल्म को प्रदर्शित किया गया | इस दौरान आशीष प्रकाश पॉल, गेस्ट लेक्चरर तथा अभिनेता रवि कान्त सिंह भी उपस्थित थे | फिल्म का संचालन साउथ एशिया ट्रस्ट नेपाल के प्रोग्राम मैनेजर पावस मनंधर द्वारा किया गया | दर्शक दीर्घा में उपस्थित सभी छात्र छात्राओं द्वारा महिलाओं के संघर्ष तथा उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने जैसे अति संवेदनशील विषय पर प्रदर्शित फिल्म को काफी सराहा गया | इसके लिए उनलोगों ने निफ्ट की तरफ से फिल्म साऊथ एशिया, राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को धन्यवाद दिया | एक्जीबिशन गैलरी में फिल्म फेस्टिवल एवं महिलाओं पर केन्द्रित प्रदर्शनी का भी निफ्ट के छात्र छात्राओं ने अवलोकन किया एवं खुले मन से सराहा |
साउथ एशिया वुमेन फिल्म फेस्टिवल का विधिवत समापन ‘डिकोडिंग जेंडर’ फिल्म के प्रदर्शन के साथ कल दिनांक 08 फरवरी को पटना निफ्ट में किया जायेगा | समापन समारोह में निफ्ट के निदेशक, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अपर सचिव तथा निदेशक, फिल्म साउथ एशिया के सहायक निदेशक, साउथ एशिया ट्रस्ट के कार्यक्रम प्रबंधक एवं ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट उपस्थित रहेंगे |




















प्रेस विज्ञप्ति
साउथ एशिया वुमेन फिल्म फेस्टिवल 2023 – समापन समारोह
दिनांक: 09 फरवरी 2023 स्थान: राष्ट्रीय फैशन प्रोद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) पटना
निफ्ट पटना में 09 फरवरी 2023 को साउथ एशिया वुमेन फिल्म फेस्टिवल का भव्य समापन हुआ |
पटना में फिल्म साऊथएशिया, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लि. व कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित साउथ एशिया वुमेन फिल्म फेस्टिवल का आज विधिवत समापन हो गया | ये साउथ एशिया महिला फिल्म फेस्टिवल का पहला समारोह था जो 02 फरवरी से शुरू हुआ और 07 दिनों तक चला | जिसमें नेपाल, श्रीलंका, बांगलादेश एवं भारत से कुल 06 फिल्में ‘सीता के बदलते रूप’ ‘फेस कवर’ ‘फ्लेम्स ऑफ अ कंटीन्यूअस फिल्ड ऑफ टाईम’ ‘डिकोडिंग जेंडर’ ‘द सिटी दैट स्पोक टू मी’ ‘बिफोर यू वर माई मदर’ दिखाई गईं | बता दें कि इस फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन मगध महिला कॉलेज में माननीय मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग श्री जितेन्द्र कुमार राय द्वारा किया गया था | इस फिल्म फेस्टिवल में श्रंखलाबद्ध तरीके से मगध महिला कॉलेज, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान तथा राष्ट्रीय फैशन प्रोद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) पटना में हिंदी सहित, अग्रेजी व बांग्ला भाषा तथा साईन लैंग्वेज की फिल्मों का प्रदर्शन किया गया |
समापन समारोह में आज दिनांक 09 फ़रवरी को दर्शक दीर्घा में उपस्थित में फैशन डिजाइन, तकनीक और मैनेजमेंट से जुड़े निफ्ट के छात्र – छात्राओं को संबोधित करते हुए फिल्म साउथ एशिया के सहायक निदेशक, आलोक अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि कला संस्कृति एवं युवा विभाग की यह पहल काफी सराहनीय है और उम्मीद है कि ऐसी पहल निरंतर होती रहेगी|
रेशमा प्रसाद, ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट ने जेंडर की अवधारणा पर छात्र छात्रओ के साथ सारगर्भित चर्चा की और फैशन को जेंडर भेद भाव को खत्म करने का एक सशक्त माध्यम बताया |
दीपक आनंद, अपर सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने अपने संबोधन में इस आयोजन को बिभाग के सचिव श्रीमती बंदना प्रेयशी की मौलिक सोच का परिणाम बताया| उन्होंने भगवदगीता के श्लोक के माध्यम से छात्रों को जीवन में सफलता के लिए आवश्यक 5 गुणों की पहचान करायी| साथ ही कवि रघुवीर सहाय एवं हरिवंश राय बच्चन की कवितायों के माध्यम से क्रमश नारी जीवन और असफलता से निपटने के तरीको पर भी विस्तार से चर्चा की|
निफ्ट के निदेशक, कर्नल राहुल शर्मा ने अपने संस्थान में इस प्रकार के आयोजन के लिए कला संस्कृति एवं युवा विभाग का हृदय से आभार व्यक्त किया | उन्होंने कला को सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना|
बिरेन्द्र प्रसाद, निदेशक, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने इस 7 दिवसीय फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में धन्यवाद ज्ञापन करते हुई विभाग के माननीय मंत्री,सचिव ,अपर सचिव, बिहार फिल्म विकास निगम के सभी कर्मी, मगध महिला महाविद्यालय, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान तथा राष्ट्रीय फैशन प्रोद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) पटना का उनके सहयोग के लिए हृदय से धन्यबाद दिया |
समापन समारोह में भाग लेने वाले सभी मंचासीन गणमान्य को पौधा व प्रतीक चिन्ह भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया | सभी गणमान्य अतिथि, निफ्ट की रश्मि ठाकुर, सहायक प्रोफ़ेसर, अर्चना शेफाली कोंगारी, असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, अभिलाषा सिंह, असिस्टेंट प्रोफ़ेसर तथा अभिनेता रवि कांत सिंह ने समापन समारोह को भव्यता प्रदान की और गौरव बढ़ाया |
समापन समारोह के उपरान्त फैशन डिजाइन, तकनीक और मैनेजमेंट से जुड़े निफ्ट के छात्र – छात्राओं के समक्ष ‘डिकोडिंग जेंडर’ फिल्म प्रदर्शित की गई | यह फिल्म निर्देशिका रॉयान शायेमा की व्यक्तिगत यात्रा के माध्यम से एक लैंगिक भूमिका के प्रतिनिधित्व की अंतिम निर्णायक तलाश है | जिसमें एक ट्रांसजेंडर महिला दोहरे जेंडर को समझने और गूढ़ वाचन करने के लिए एक परावर्तक यात्रा के माध्यम से पुरुषों से महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ती है | साथ ही पुरुषों और महिलाओं दोनों से ट्रांसजेंडर महिलाओं की पहचान और अधिकारों के लिए सत्यापन की मांग करती है | जिसका उद्देश्य है महिला, पुरुष और ट्रांसजेंडर से अलग नॉन बाईनरी लोग द्वारा सिर्फ खुद को स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करना |
फिल्म को देखने के पश्चात छात्र व छात्राओं में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज के बदलते परिवेश में ट्रांसजेंडर पर आधारीत फल्मों के माध्यम से समाज को जागरूक करना अत्यंत प्रासंगिक है | ट्रांसजेंडर तथा नॉन बाईनरी लोगों को भी अपने विचारों को स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करने का अधिकार होना चाहिए | उनकी पहचान को सहजता से स्वीकारते हुए सभी क्षेत्रों में उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना चाहिए | फिल्म महोत्सव तथा महिलाओं के मुद्दों पर संकेंद्रित कला दीर्घा में प्रदर्शित चित्रों का अवलोकन के दौरान भी फैशन डिजाइन, तकनीक और मैनेजमेंट से जुड़े निफ्ट के छात्र – छात्राओं ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज की |
अंत में निफ्ट प्रबंधन तथा छात्रों द्वारा फिल्म महोत्सव का आयोजन निफ्ट में करने के लिए फिल्म साउथ एशिया तथा कला, संस्कृति व युवा विभाग बिहार सरकार को धन्वाद व्यक्त किया गया |@all media right are reserved
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