=================*झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद**रांची*======================*🎯झारखंड की मेजबानी में 69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता का हुआ आगाज़, माननीय विधायक राम सूर्य मुंडा ने किया उद्घाटन**🎯उद्घाटन समारोह में दिखी झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक कला संस्कृति की झलक, देशभक्ति से सराबोर हुए भविष्य के सितारे* *🎯पहले दिन झारखण्ड को मिला एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक, 20 मीटर इंडियन राउंड (बालक वर्ग) और 20 मीटर इंडियन राउंड (बालिका वर्ग) में झारखंड को मिला पदक* *🎯33 राज्यों एवं इकाइयों से कुल 338 बालक एवं 301 बालिका खिलाड़ियों के साथ 134 कोच एवं मैनेजर हो रहे है आयोजन में शामिल* =========================झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की मेजबानी में आज से खेल गांव स्थित टिकैत उमराव शूटिंग स्टेडियम, रेंज–3 में 69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन माननीय विधायक श्री राम सूर्य मुंडा ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री नवीन झा (सीईओ, जेएसएसपीएस, रांची), श्रीमती पुष्पा हस्सा, श्रीमती रीना कुमारी, श्रीकांत पुरवार, डॉ. राकेश कुमार, श्री हरेंद्र सिंह, श्री रवि शंकर एवं डॉ. कल्पना आर्य की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान आयोजन सचिव श्री धीरसेन ए. सोरेंग द्वारा पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान कर किया गया। उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए माननीय विधायक श्री राम सूर्य मुंडा ने कहा कि 69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन झारखंड के लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। यह मंच केवल पदक जीतने का मंच नहीं है, भविष्य के सितारों को गढ़ने की प्रयोगशाला है। तीरंदाजी केवल एक खेल नहीं है, यह हमे एकाग्रता, धैर्य और लक्ष्य पर ध्यान लगाने की सीख देती है। आज के डिजिटल दुनिया में तीरंदाजी मानसिक संतुलन की राह दिखाती है। राज्य सरकार का स्पष्ट मानना है कि खेल और शिक्षा एक दूसरे के पूरक है। यही वजह है कि राज्य सरकार विद्यालय स्तर से ही खेलो को नीतिगत और संरचनात्मक ढंग से लागू करने का प्रयास कर रही है। जेएसएसपीएस के सीईओ श्री नवीन झा ने कहा कि आज के समय में खेल रोजगार, प्रतिष्ठा और भविष्य का निर्धारण करता है। खेल अनुशासन के लिए अनिवार्य है। खेल में प्रतियोगी भावना और निष्ठा होती है। आयोजन सचिव सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी श्री धीरसेन सोरेंग ने कहा कि इस वर्ष पांच एसजीएफआई खेलो की मेजबानी झारखंड को मिली है। यह केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि बच्चो के सपनो को उड़ान देने का अवसर है। तीरंदाजी का झारखंड से भावनात्मक और सांस्कृतिक संबंध रहा है। यहाँ तीरंदाजी हमारी जीवनशैली का हिस्सा है। झारखंड ने तीरंदाजी में देश को अनमोल रत्न दिए है। उन्होंने कहा कि आयोजन के माध्यम से देशभर से आये बच्चो को विश्वस्तरीय मंच प्रदान किया जाएगा। प्रतियोगिता बच्चो को अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य पर केंद्रित होना सिखाती है। बच्चो के आज का यह अनुभव उनके कल के लिए एक प्रेरणा बनेगा। विभाग द्वारा बच्चो के लिए उत्कृष्ट आवासन, भोजन और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गयी है। *उद्घाटन समारोह की सांस्कृतिक शुरुआत, भव्य समापन* 69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह की शुरुआत सांस्कृतिक रही तो इसका समापन भव्य रहा। समारोह में सत. ज़ेवियर स्कूल, लुपुंगुट्टु, चाईबासा के छात्रों ने ब्रास बैंड की मनमोहक प्रस्तुति दी। कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय उच्च विद्यालय, कांके की छात्राओं ने पाइप बैंड की प्रस्तुति से सबका दिल जीत लिया। संगीतकार माधवी मधुकर ने अपनी सुरीली आवाज से “हमर झारखंड, हीरा झारखंड” और देशभक्ति के गीतों को गाकर खिलाड़ियों में जोश बढ़ाया, साथ ही “खेलो झारखंड” की थीम सांग पर प्रस्तुति देकर खिलाड़ियों में खेल की भावना को सशक्त किया। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय उच्च विद्यालय, गोला, रामगढ़ की बालिकाओ ने प्रसिद्द पाइका लोक नृत्य और पारंपरिक छऊ नृत्य की प्रस्तुति दी। राष्ट्रीय बाल रंग महोत्सव 2025 के विजेता टीम ने झारखंड की पारंपरिक छऊ नृत्य की विभिन्न शैलियों के माध्यम से “महिषासुर मर्दिनी” नृत्य पेश कर आध्यात्मिक और सांस्कृति समा बांध दिया। मंच संचालन का श्री चंद्रदेव सिंह ने किया। *69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता के पहले दिन के परिणाम* _*प्रथम दिन अंडर-17 बालक-बालिका वर्ग का मैच परिणाम (इंडियन राउंड)*_69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता के पहले दिन अंडर-17 बालक एवं बालिका वर्ग में खिलाड़ियों ने अपनी सटीक निशानेबाजी और कुशल रणनीति का शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किए। पहले दिन इंडियन राउंड प्रतियोगिता में झारखंड के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण एवं एक कांस्य पदक जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया।*🥇 20 मीटर इंडियन राउंड – बालक वर्ग*स्वर्ण पदक – चंद्र मोहन सोरेन (झारखंड)रजत पदक – हरसिल (केवीएस)कांस्य पदक – विक्रम राज (छत्तीसगढ़)*🥇 30 मीटर इंडियन राउंड – बालक वर्ग*स्वर्ण पदक – रोहित कुमार मरांडी (ओडिशा)रजत पदक – तोरण यादव (छत्तीसगढ़)कांस्य पदक – प्रज्ञान गोगई (असम)*🥇 20 मीटर इंडियन राउंड – बालिका वर्ग*स्वर्ण पदक – स्वरांजलि शंकर बनसुडे (महाराष्ट्र)रजत पदक – हिमानी बसु मंत्री (असम)कांस्य पदक – सोनी कुमारी (झारखंड)*🥇 30 मीटर इंडियन राउंड – बालिका वर्ग*स्वर्ण पदक – हिमानी बसु मंत्री (असम)रजत पदक – स्वरांजलि शंकर बनसुडे (महाराष्ट्र)कांस्य पदक – स्वाती यादव (छत्तीसगढ़)

कोरबा में अखिल भारतीय कायस्थ  7235 छत्तीसगढ़ का प्रांतीय अधिवेशन संपन्न: डॉ. रमाशंकर श्रीवास्तव ने सांस्कृतिक विरासत को संजोने का दिया संदेश_ भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी को बनाए जाने पर केंद्रीय नेतृत्व का महासभा ने आभार व्यक्त किया।कोरबा ।!छत्तीसगढ़ रविवार, 4 जनवरी 2026 को *अखिल भारतीय कायस्थ महासभा 7235*( रजिस्ट्रेशन नंबर 06456/20250/2026) छत्तीसगढ़ का प्रांतीय अधिवेशन प्रदेश कार्यसमिति बैठक *कोरबा जिले के प्रेस क्लब* में आयोजित किया गया।जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों के अध्यक्ष प्रदेश पदाधिकारी गण शामिल हुए*राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रमाशंकर श्रीवास्तव* के आतिथ्य में संपन्न इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र श्रीवास्तव* ने की प्रदेश कार्यसमिति बैठक की शुरूवात भगवान चित्रगुप्त जी के आरती से प्रारंभ हुई।मुख्य अतिथि कायस्थ महासभा भारत के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रमाशंकर श्रीवास्तव* ने नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई देते हुए भगवान चित्रगुप्त की प्रगटता, उनके 12 पुत्रों (भानू, विभानू, चित्र, मतिभान, हेमभान, चित्रचरण, मतिचित्र, हेमचित्र, धृति, श्याम, धैर्य और जिन) और महासभा के गठन की ऐतिहासिक आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा, *”चित्रगुप्त पूजन* को निरंतर जारी रखना हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने के लिए अनिवार्य है। मातृशक्तियों को भी परंपराओं को सहेजने की जिम्मेदारी उठानी होगी, ताकि भावी पीढ़ी हमारे गौरवशाली इतिहास से जुड़ी रहे।और कहा कि कायस्थ समाज को राजनीत में सक्रिय होकर आगे बढ़ना होगा सोशल मीडिया छोड़कर जमीन पर कार्य करना पड़ेगा तभी सपने साकार होंगे। कायस्थ समाज ने देश का कई बार नेतृत्व किया है।प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ वीरेंद्र श्रीवास्तव* ने अपने उद्बोधन में समाज की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता पर विशेष बल दिया। और कहा अखिल भारतीय कायस्थ महासभा 7236 छत्तीसगढ़ पूरे प्रदेश में संगठन मजबूती से कार्य कर रहा हैं और देशभर में राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश कुमार श्रीवास्तव निवासी हावड़ा कोलकाता पश्चिमी बंगाल राष्ट्रीय महासचिव राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट निवासी जौनपुर उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में देश भर में कायस्थ हित में कार्य कर रहा हैं आज देश में कायस्थ महासभा 7235 भारत की एक पहचान बन गई है।महासचिव राकेश श्रीवास्तव* ने संगठन के आगामी लक्ष्यों और गतिविधियों पर सार्थक विचार साझा किए। *चंद्र किशोर श्रीवास्तव* ने संगठन की सकारात्मक पहल की सराहना की, जबकि *लक्ष्मी श्रीवास्तव (महिला प्रकोष्ठ)* और *मुकेश श्रीवास्तव (विधि प्रकोष्ठ)* ने महिला सशक्तिकरण और कानूनी जागरूकता पर जोर दिया।कार्यक्रम का उद्घाटन *भगवान चित्रगुप्त के चित्र पर माल्यार्पण* और दीप प्रज्वलन से हुआ। संचालन *राकेश श्रीवास्तव* ने किया। कार्यसमिति बैठक में सर्व सम्मत से भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त किया गया है उन्होंने नितिन नवीन जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना कर कायस्थ समाज का सम्मान बढ़ाया जिससे कायस्थ समाज भाजपा का आभारी रहेगा।कार्यक्रम में समाज के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया अन्त में स्थानीय कायस्थ समाज के वरिष्ठ नेता चित्रांश भरत श्रीवास्तव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कायस्थ महासभा का आयोजन में इतनी बड़ी संख्या में आप सभी आए और एकता का परिचय दिया जो एक कायस्थ महासभा 7235 भारत के लिए अच्छी शुरुवात है। अंत में सामूहिक सहभोज के साथ कार्यकम का समापन हुआ।

जौनपुर। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने कहा कि त्वरित न्याय प्रक्रिया में अधिवक्ता की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और आजादी के बाद संविधान निर्माण में डॉ राजेन्द्र प्रसाद, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डॉ भीमराव अंबेडकर जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं और ये सभी महान पुरुष अधिवक्ता भी थे जनपद के वरिष्ठ अधिवक्ता स्व संतोष कुमार श्रीवास्तव संतोषी बाबू जी की 20 वी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं सेमिनार त्वरित न्याय प्रक्रिया में न्याय पालिका कार्य पालिका विधायिका एवं अधिवक्ता की भूमिका पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रयागराज उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति श्रीमती वाणी रंजन अग्रवाल जी ने कहा कि त्वरित न्याय प्रक्रिया में न्याय पालिका का जो सम्मान आम आदमी में है उसे और बढ़ाने की जरूरत है अधिवक्ता वादकारी व न्यायाधीश के बीच सेतु बनकर कार्य करता हैं और विधि और न्याय को समय के साथ परिवर्तित होते रहना चाहिए और कहा कि संतोषी बाबू एक अच्छे और विद्वान अधिवक्ता थे जो सदैव न्याय हित में कार्य करते थे।न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने कहा कि आप सभी की शुभकामनाएं से मुझे उच्च न्यायालय जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है हम सभी दृहसंकल्पित है और त्वरित न्याय के लिए कार्य कर रहे हैं और कहा कि अधिवक्ता बार बेंच को जोड़ने का कार्य करते हैं जिला जज सुशील कुमार शशि जी ने कहा कि न्याय सिर्फ जज से नहीं होता है दोनों पक्षों को सुनने के बाद जो फैसला होता हैं वहीं न्याय होता हैं अधिवक्ता जिस वादकारी के लिए कार्य कर रहा हैं उसके प्रति ईमानदार होना चाहिए कहा कि अधिवक्ता ही जनमानस का मस्तिष्क है और अधिवक्ता कर्मयोगी होता हैं।स्वागत भाषण अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव ने करते हुए कहा है अधिवक्ता सदैव न्याय हित में कार्य करता हैं और जौनपुर के अधिवक्ता संघ का नाम देश भर में लिया जाता हैं जो सौभाग्य की बात है मैने हमेशा अधिवक्ता संघ हित में कार्य किया है और करूंगा। आज सुबह ही जम्मू कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा जी और असम के राज्यपाल लक्ष्मण आर्चाय जी ने फोन कर सेमिनार में न आने पर खेद व्यक्त किया और संतोषी बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित किया इसके पूर्व सेमिनार का उद्घाटन अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।सभी अतिथि को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र बुके भेट कर स्वागत अभिनंदन किया गया।संचालन मंत्री रण बहादुर यादव ने किया।आभार कार्यकम संयोजक राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट ने किया।सेमिनार में पूर्व अध्यक्ष आर पी सिंह सत्येन्द्र बहादुर सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, राजीव गुप्ता, प्रेम शंकर मिश्रा, जितेन्द्र उपाध्याय, ब्रज नाथ पाठक प्रेम नाथ पाठक, रमेश चन्द उपाध्याय, अवधेश सिंह, रमेश सिंह सोलंकी वशिष्ठ नारायण,डीजीसी क्रिमिनल लाल बहादुर पाल, हीरा लाल प्रजापति अरुण प्रजापति सुरेन्द्र प्रजापति, मंजू शास्त्री जय प्रकाश कामरेड राजनाथ चौहान राकेश द्विवेदी मनिता मंजीत कौर मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट, प्रदीप श्रीवास्तव शशांक दुबे, शहंशाह हुसैन, हिमांशु श्रीवास्तव, डीजीसी सिविल मनोज गुप्ता, आदि जिले भर के हजारों अधिवक्ता मौजूद रहे सुरक्षा कर्मी भी भारी मात्रा में मौजूद रहे।उसके बाद न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल जी ने चौकियां धाम में मत्था टेका और दर्शन पूजन कर प्रयागराज प्रस्थान किया।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ,रांची =======================*राष्ट्रीय स्कूली फुटबॉल में झारखंड का ऐतिहासिक प्रदर्शन, एक चैंपियन और एक उपविजेता।**69वीं राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिता के अंडर-17  और 14 बालिका वर्ग में झारखंड और हरियाणा बना चैंपियन*===========================स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची की मेजबानी में दिनांक 18 से 22 दिसंबर 2025 तक आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिता एसजीएफआई (अंडर-14 एवं अंडर-17 बालिका वर्ग) का  समापन आज बीआईटी मेसरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स फुटबॉल मैदान में संपन्न हुआ।समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. मधुकांत पाठक, महासचिव, झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन तथा विशिष्ट अतिथि महेंद्र कुमार, इंचार्ज स्पोर्ट्स, बीआईटी मेसरा, रांची उपस्थित थे। प्रतियोगिता के सफल बनाने में अहम योगदान रहे  मैच कमिश्नर उदय  मिश्रा ,फरीद खान, नरेश मिस्त्री, रमेश महतो एवं सामाउद्दीन अंसारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का स्वागत राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सह आयोजन सचिव श्री धीरसेन ए. सोरेंग द्वारा पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर किया गया।मुख्य अतिथि डॉ. मधुकांत पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता अत्यंत अनुकरणीय एवं उत्कृष्ट है। जिस स्तर और सुव्यवस्था के साथ यह आयोजन किया गया है, वैसा आयोजन देश में विरले ही देखने को मिलता है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हार से सीखना ही खिलाड़ी की सबसे बड़ी ताकत होती है, क्योंकि किसी एक टीम की हार से ही दूसरी टीम विजेता बनती है।समापन भाषण में राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी श्री धीरसेन ए. सोरेंग ने कहा कि 69वीं राष्ट्रीय स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिता में 100 प्रतिशत राज्यों एवं इकाइयों की सहभागिता अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। सभी टीमों ने अनुशासन, धैर्य और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने आयोजन से जुड़ी सभी समितियों, अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगियों को हृदय से धन्यवाद दिया।प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे अंडर-14 बालिका वर्ग में हरियाणा ने झारखंड को  ट्राई ब्रेकर पेनल्टी शूटआउट में 5-3से पराजित कर चैंपियन का खिताब जीता, झारखंड उपविजेता बना वही सेकंड रनर-अप केरल (बिहार को 3-2 से पराजित किया)   इस वर्ग का व्यक्तिगत पुरस्कार में मैच ऑफ द टूर्नामेंट स्वर्णी कुमारी (झारखंड) वूमेन ऑफ द मैच निधि (हरियाणा) बेस्ट गोलकीपर सोनी कुमारी (झारखंड)  अंडर-17 बालिका वर्ग फाइनल में झारखंड  के खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रदर्शन कर इतरफा मुकाबले में केरल को 4-0 से पराजित कर चैंपियन का खिताब अपने नाम किया।उपविजेता केरल बना सेकंड रनर-अप गुजरात  रहा (मेघालय को 2-0 से पराजित किया) इस वर्ग का व्यक्तिगत पुरस्कार मैच ऑफ द टूर्नामेंट आयशा मिरहाना (केरल)वूमेन ऑफ द मैच दीपिका कुमारी (झारखंड)बेस्ट गोलकीपर प्रीति तिग्गा (झारखंड)। पूरे आयोजन को सफल बनाने में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद खेल कोषांग के सभी सदस्यों का यह योगदान रहा। सभी चैंपियन राज्य के टीमों को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, परियोजना निदेशक शशि रंजन, प्रशासी पदाधिकारी सच्चिदानंद द्विवेदी तिग्गा, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए सोरेंग के साथ  राज्य खेल  कोषांग सदस्यों ने बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य का कामना किया है।

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*प्रेस विज्ञप्ति* दिनांक 21/11/2055*झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची*=============================*69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी में झारखंड बना चैंपियन**झारखंड की बेटियों ने लहराया परचम**बालक–बालिका तीरंदाजी में झारखंड को प्रथम रनर–अप का खिताब**5 स्वर्ण, 4 रजत और 1 कांस्य पदक के साथ कुल 10 पदक जीते*==============================स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के अगुवाई में  गए झारखंड की खिलाड़ियों ने 69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता में झारखंड के होनहार खिलाड़ियों ने अद्भुत कौशल, धैर्य और लगन का परिचय देते हुए कुल 10 पदक (5 स्वर्ण, 4 रजत, 1 कांस्य) जीतकर राज्य का नाम पूरे देश में रोशन किया।   प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश के डॉ. आंबेडकर क्रीड़ा संकुल, बड़ा लालपुर, वाराणसी में 19 से 21 नवंबर तक आयोजित हुई।   कोच मैनेजर सुदीप कुमार और सौम्य श्री घटक  के नेतृत्व में गए अंडर-14 बालक एवं बालिका वर्ग में झारखंड की बेटियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 5 स्वर्ण पदक अपने नाम कर बालिका वर्ग में ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।  वहीं बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में झारखंड को फर्स्ट रनर–अप का सम्मान भी प्राप्त हुआ।    राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को असाधारण बताते हुए कहा कि झारखंड के खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद दृढ़ निश्चय, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की संस्कृति में तीरंदाजी सिर्फ खेल नहीं, बल्कि परंपरा है। आज हमारे बच्चों ने उसी परंपरा को कौशल और मेहनत के साथ जोड़कर देशभर में झारखंड का परचम फहराया है।प्रतियोगिता के परिणामअंडर-14 बालिका वर्ग🥇 स्वर्ण पदकबेबी कुमारी – 30 मी. इंडियन इंडिविजुअल राउंड तीरंदाजी बेबी कुमारी –30 मी.इंडियन राउंड ओवरऑल तीरंदाजी खुशी कुमारी –40 मी.रिकर्व इंडिविजुअल तीरंदाजी खुशी कुमारी, आराध्या पाठक, राधिका कुमारी, स्निग्धा सरकार – 40मीटर रिकर्व टीम तीरंदाजी सुनीता टूटी, बेबी कुमारी, अलमानी महतो, रचना टूटी – 30 मीटर इंडियन राउंड टीम तीरंदाजी🥈 रजत पदकखुशी कुमारी –  40 मी.रिकर्व ओवरऑल तीरंदाजी सुनीता टूटी – 30 मी इंडियन राउंड ओवरऑल तीरंदाजीसुनीता टूटी –30 मी. इंडिविजुअल इंडियन राउंड तीरंदाजी अंडर-14 बालक वर्ग🥈 रजत पदकविशाल स्वानसी – 30 मी.इंडियन राउंड ओवरऑल तीरंदाजी 🥉 कांस्य पदकदिनेश बेदिया –  30 इंडियन राउंड इंडिविजुअल तीरंदाजी झारखंड के इन नौनिहाल तीरंदाजों ने अपने निरंतर अभ्यास,अनुशासन,सटीक निशाने,खेल भावना और दृढ़ संकल्प के बदौलत यह उपलब्धि हासिल की है।उनकी मेहनत ने सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा अगर अवसर और सही मार्गदर्शन पाए, तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक सकती है।राज्य के सभी खिलाड़ी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं।          इस  ऐतिहासिक जीत पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, परियोजना निदेशक शशि रंजन, प्रशासी पदाधिकारी सच्चिदानंद द्विवेदी तिग्गा, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग, तथा राज्य खेल कोषांग के सभी सदस्यों ने खिलाड़ियों को उनकी मेहनत, समर्पण और ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

Alok nama sapno ka Safar ek Aisa Safar Jo apko khushiyon se bher deh 🌹🌹🎭 darshak beshak khash hoteh hai Sapneh sajayeh hoteh hai dilo mein  koi kavi hi Kavita se ushko  kuch khash palo mein sach ker deh apne sabdoh se Mahadev ke roop ko Manch mein darshakon ke beech sakar kar deh dekhta wahi hai jo dekhna chahta hai Mandir jakar bhi Mahadev ke Darshan karke bhi kuch bhakt kahan deva dhidev trikal darshi ko kaha pata hai koi band aankhon Se Guru Charan mein Vandana Karta Hai sacchi shradha kuch bhakton mein Hoti Hai unke aankhon mein Darshan to ghar ke mandir mein bhi Hoti Hai🪔🙏 Kavita ❤️🗞️Kavi 🎤keh pankti jab aise bhakton ke Dil Ko chhu patah Hai to neer bankar Mahadev ke bhakton ki aankhon Se Dekho gangajal Sa bahta Hai woh band aankhon Se bhi bahut kuchh kahta jatahHai 😇woh band aankhon Se bahut kuchh kahta Hai leen hota hai jaisa samadhi mein Koi sadhak Shiv bhakt ya Yun kahu,,,, ya aise kahun to sashakt Shiv roop Hi Ho woh jo leen hota hai Jaise samadhi mein Koi sadhak Aisa lagta Hai har EK Kavita🎤🎭 Kavi ke jivan ke har Sundar Sanjoy palon ko kitabon ke jariye kahata hai padhne wale Pathak Jo padhte Hain woh janteh Hain sab…  Vikkindiamedia©️ ke dawara banae Gaye yeh kavita

सशक्त भारत के लिए विकसित झारखण्ड सबसे ज्यादा जरूरी : डॉ. प्रणव कुमार बब्बूराजधानी के करमटोली चौक स्थित धुमकुड़िया भवन में युवाओं ने लिया बिरसा भगवान के सपनों का झारखण्ड बनाने का संकल्प.रांची 14 नवम्बर. अधिवक्ता, भाजपा नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सामाजिक-वैचारिक संगठन रांची रिवोल्ट जनमंच के संयोजक डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने कहा है कि सशक्त भारत के लिये विकसित झारखण्ड सबसे ज्यादा जरूरी है. क्योंकि यह न केवल उद्योग-व्यापार, खान-खदान, कृषि बल्कि मानव संसाधन, सभ्यता-संस्कृति और जनजातीय अस्मिता आदि से भी भरपूर प्रदेश है. डा. बब्बू ने कहा कि झारखण्ड में ही संपूर्ण देश को विकसित देशों की पंक्ति में खड़ा करने की क्षमता है.राजधानी के करमटोली चौक स्थित धूमकुड़िया भवन में सामाजिक-वैचारिक संगठन रांची रिवोल्ट जन मंच और लक्ष्य डिफेंस एकेडमी की ओर से आयोजित भगवान बिरसा मुण्डा के 150 वें जन्म दिवस एवं झारखण्ड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर आयोजित एक समारोह में अपने संबोधन में डॉ. बब्बू ने कहा कि झारखण्ड अब 25 वर्षों का हो गया है और विकास में और भी तेजी आयेगी. डा. बब्बू ने सभी राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं अन्य संगठनों से अपील की कि सभी मिलजुल कर झारखण्ड को विकसित बनाने की प्रति समर्पित भाव, एकजुटती और टीम भावना से आगे बढ़ें.कार्यक्रम में केक काटकर भगवान बिरसा मुण्डा की 150 वीं जयंती एवं झारखण्ड स्थापना दिवस की 25 वीं वर्षगांठ मनायी गयी. आज के कार्यक्रम के सफल आयोजन में अनूप यादव, सुनील यादव, सुनील टोप्पो आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

*प्रेस विज्ञप्ति* दिनांक:07/11/2025झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची =======================*राज्य स्तरीय स्कूली बैंड प्रतियोगिता में खूंटी, रांची और  पश्चिमी सिंहभूम जिला बने विजेता* स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय स्कूली बैंड प्रतियोगिता का समापन आज खेलगांव स्थित बिरसा मुंडा एथलेटिक स्टेडियम, रांची में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआइस प्रतियोगिता में राज्य के सभी 24 जिलों से ब्रास बैंड एवं पाइप बैंड की बालक और बालिका वर्ग की टीमें शामिल हुईं। पहली बार इस प्रतियोगिता में बालक वर्ग की 10 टीमों तथा बालिका वर्ग की 29 टीमों, अर्थात् कुल 39 टीमों ने हिस्सा लिया जो यह दर्शाता है कि झारखंड के विद्यालयों में बैंड प्रतियोगिता के प्रति रुचि और सहभागिता निरंतर बढ़ रही है।प्रतिभागी टीमों ने अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों का मन मोह लिया।सभी विजेता प्रतिभागियों को आयोजन सचिव सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए सोरेंग, सूबेदार प्रगट सिंह, नायक अमरदीप  सिंह,नायक रजत सिंह,नायक प्रगट सिंह ने संयुक्त रूप से ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।  स्वागत संबोधन में  आयोजन सचिव धीरसेन ए. सोरेंग ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा “राज्य के विद्यालयों में बैंड संस्कृति बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता और सामूहिकता की भावना विकसित करती है। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने का एक सशक्त मंच है।”उन्होंने आगे कहा  “झारखंड के 24 जिलों की 39 टीमों ने बैंड प्रतियोगिता में जिस अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति का अद्भुत प्रदर्शन किया, वह काबिले-तारीफ है। यह आयोजन विद्यार्थियों में टीम भावना और संवैधानिक मूल्यों को सशक्त करता है।”प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार हैं — ब्रास बैंड (बालिका वर्ग) प्रथम स्थान: मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, खूंटी द्वितीय स्थान: झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, बौराम, पूर्वी सिंहभूम तृतीय स्थान: मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जामताड़ा ब्रास बैंड (बालक वर्ग) प्रथम स्थान: सेंट जेवियर इंटर कॉलेज, लुपुंग गुट्टू, पश्चिमी सिंहभूम द्वितीय स्थान: नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, सरायकेला-खरसावां तृतीय स्थान: प्लस टू उच्च विद्यालय, कुम्हारलालो, पीरटांड़, गिरिडीह पाइप बैंड (बालिका वर्ग) प्रथम स्थान: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कांके, रांचीद्वितीय स्थान: मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कैथा, रामगढ़, तृतीय स्थान: मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सरायकेला-खरसावां पाइप बैंड (बालक वर्ग) प्रथम स्थान: केरली स्कूल, धुर्वा, रांची, द्वितीय स्थान: नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, खूंटी, तृतीय स्थान: सेंट जेवियर हाई स्कूल, लुपुंग गुट्टू, पश्चिमी सिंहभूम।कार्यक्रम का संचालन चंद्रदेव सिंह द्वारा किया गया    विजेता प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, शिक्षा सचिव श्री उमाशंकर सिंह, परियोजना निदेशक श्री शशि रंजन, प्रशासी पदाधिकारी श्री सच्चिदानंद द्विवेदी तिग्गा, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी श्री धीरसेन ए. सोरेंग, एवं राज्य खेल कोषांग के सदस्यों ने हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना किया है।

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